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About us:

 
    Introduction

आजादी प्राप्ति के पश्चात आर्थिक रूप से कमजोर छात्र छात्राओं को उच्च शि़क्षा से जोड़ने के मद्देनजर इलाके के प्रबुद्व नागरिकों एवं शिक्षा प्रेमियों के द्वारा एक उच्च शिक्षण संस्थान की परिकल्पना की गयी, जिसका मुत्र्त रूप है - रामचरित्र सिंह महाविधालय, मंझौल।

सन 1965 र्इ0 में स्थापित यह महाविधालय बिहार के भुतपूर्व विधुत एवं सिंचार्इ मंत्री स्वर्गीय राम चरित्र सिंह के नाम पर है। इस महाविधालय मंझौल अनुमंडल कार्यालय के समीप है। ग्रामीण अंचल में अवसिथत इस महाविधालय का क्षेत्र व्यापक है एवं इसके विकास की असीम संभावनाएँ हैं। ललित नारायण मिथिला विश्वविधालय, दरभंगा की अंगीभूत, यह र्इकार्इ बेगूसराय-रोसड़ा, बेगूसराय-हसनपुर एवं बेगूसराय-बखरी मुख्यमार्ग पर सिथत है।

अंतर्राष्ट्रीय पक्षी विहार कावर झील ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में सुविख्यात सि़द्ध शकितपीठ जयमंगलागढ़ एवं हसनपुर चीनी मिल आदि महाविधालय के परिपाश्र्व में अवसिथत होने के कारण शि़क्षा के नये आयाम उद्दघाटित करती है। स्थापना काल से ही मुल्य आधारित शिक्षा, सुदढ़, अनुशासन एवं मानक परीक्षाफल के लिए प्रसि़द्ध इस महाविधालय में अंतर स्नातक एवं स्नातक प्रतिष्ठा स्तर तक के कला एवं विज्ञान के सभी विषयों में अध्ययन-अध्यापन की उत्तम व्यवस्था है। अनुसूचित एवं पिछड़ी जाति के छात्र - संख्या के साथ सह शिक्षा के मद्देनजर इस महाविधालय में छात्राआं की संख्या जिला ही नहीं राज्य स्तर पर किसी भी महिला महाविधालय की तुलना में बेहतर है। समृद्व पुस्तकालय एवं समुन्नत प्रयोगशालाएं, मानक परीक्षाफल सुदृढ़ अनुशासन, शांत एवं प्राकृतिक ग्रामीण परिवेश व्यवसायोन्मुख शिक्षा के प्रति छात्रछात्रओं की रूझान इस महाविधालय की निजी विशेषताएं है।

नर्इ शिक्षा नीति क अंतर्गत उच्च शिक्षा में उच्चतम गुणवता लाने के उदेश्य से यू0 जी0 सी0 द्वारा गठित उच्च स्तरीय राष्टीय मुल्याकंन एवं प्रत्यायन परिषद ;छ।।ब्द्ध टीम द्वारा जनवरी 2004 में ल0 ना0 मि0 वि0 वि0 , दरभंगा में सर्वप्रथम इस महाविधालय का निरीक्षण किया गया। सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण अंचल में अवसिथत इस संस्था में शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की महाविधालय के प्रति चतुर्दिक विकासोन्मुख लगनशीलता का ही सुखद परिणाम है कि इस महाविधालय को नेक टीम C++ ग्रेड प्रदान किया और अब इसी के दिशा-निर्देश में महाविधालय सतत विकासशील है।

यू0 जी0 सी0 से सम्बद्वता प्राप्त हमारे महाविधालय को दसवीं योजनान्तर्गत दी जाने वाली विभिन्न अनुदान राशि से पुस्तकालय और प्रयोगशाला कर समृद्वि के साथ ही पूर्व में निर्मित यू0 जी0 सी0 भवन के उपर 15030 फीट में निर्माणाधीन भवन का कार्य प्रगति पर है। महिला छात्रावास, छात्र रंजन कक्ष, विज्ञान भवन, प्रधानाचार्य निवास, स्वर्गीय राम चरित्र सिंह बाबू की आदमकद प्रतिमा की स्थापना एवं मुख्य द्वारा सहित चहारदीवारी का निर्माण इसकी महत्वाकांक्षी योजनाएं है जिस दिशा में महाविधालय का प्रयास जारी है।

केन्द्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के तहत समसायिक सामाजिक मुदों से जुड़े होने के कारण विश्वविधालय द्वारा महाविधालय में स्थापित राष्टीय सेवा योजना की अपनी विशिष्ट पहचान है। विश्वविधालय स्तर पर आयोजित अन्तर महाविधालय महिला एवं पुरूष वालीबाल तथा महिला कबडडी प्रतियोगिता में महाविधालय की अग्रणी भूमिका रही है। पर्यटन विभाग द्वारा विकास की संभावनाओं के मदेनजर महाविधालय को इंटरनेट एवं पर्यटन विभाग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

 
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